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श्री श्याम शर्मा
(सुलेखाचार्य)
श्री श्याम शर्मा
(सुलेखाचार्य)
सुलेखाचार्य श्री श्याम शर्मा का जन्म मध्यप्रदेश मालवा के देवास ज़िले में 2 अक्टूबर सन 1965 को एक सामान्य किसान परिवार में हुआ इनके पिता का नाम श्री उमाशंकर जी शर्मा एवं माँ का नाम श्रीमती हीरकुँवर शर्मा है l
सुलेखाचार्य ने मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में सुदीर्घ सेवा देनें के उपरान्त ऐच्छिक सेवा निवृत्ति ले ली एवं देवनागरी लिपि के सुलेख को समृद्ध करने का संकल्प को जीवन का लक्ष्य बना लिया l
- Phone:+91-9826770077
- Email:hindisulekh77@gmail.com
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श्रीमती कविता अग्रवाल
(शिक्षा)
श्रीमती कविता अग्रवाल
(शिक्षा)
श्रीमती कविता अग्रवाल शिक्षा, स्वास्थ्य प्रबंधन, सामाजिक चिंतन एवं साहित्य के क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित एवं बहुआयामी व्यक्तित्व हैं। शिक्षा, अस्पताल प्रबंधन तथा सार्वजनिक एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के विकास एवं परामर्श का उन्हें 25 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। संस्थागत विकास, प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता संवर्धन तथा जनहितकारी परियोजनाओं के सफल संचालन में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
व्यावसायिक जीवन के प्रारंभिक चरण में उन्होंने एक समर्पित शिक्षिका के रूप में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन को अपनी प्राथमिकता बनाया। भाषा और साहित्य के प्रति उनका अनुराग सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।
हिंदी विकास सुलेख संस्था, इंदौर (म.प्र.) की अध्यक्ष के रूप में वे भाषा, साहित्य, सुलेख कला और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु निरंतर सक्रिय हैं। उनके नेतृत्व में संस्था युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने, साहित्यिक चेतना को सशक्त बनाने तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक कार्य कर रही है।
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श्री अचल जी चौधरी
(राष्ट्रीय संयोजक)
श्री अचल जी चौधरी
(राष्ट्रीय संयोजक)
Founder & president IPS Academy Indore
अचल जी एक आर्किटेक्ट, एक शिक्षाविद , समाजसेवी होने के साथ साथ पर्यावरण प्रेमी भी है। अचल चौधरी जी की मेहनत से आज आईपीएस अकादमी के अंतर्गत १६ कॉलेजस और ७१ कोर्सेस चल रहे हैं| आईपीएस अकादमी का आर्किटेक्चर कोर्स भारत के टॉप ५ में से एक है और मध्य भारत में पहले स्थान पर है |
अचल जी एक आर्किटेक्ट, एक शिक्षाविद , समाजसेवी होने के साथ साथ पर्यावरण प्रेमी भी है। अचल चौधरी जी की मेहनत से आज आईपीएस अकादमी के अंतर्गत १६ कॉलेजस और ७१ कोर्सेस चल रहे हैं| आईपीएस अकादमी का आर्किटेक्चर कोर्स भारत के टॉप ५ में से एक है और मध्य भारत में पहले स्थान पर है |
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श्री सुयश अग्रवाल
(स्वास्थ्य प्रबंधन)
श्री सुयश अग्रवाल
(स्वास्थ्य प्रबंधन)
श्री सुयश अग्रवाल स्वास्थ्य प्रबंधन, गुणवत्ता प्रबंधन (Quality Management), अस्पताल नियोजन एवं स्वास्थ्य अवसंरचना विकास के क्षेत्र में कार्यरत एक युवा, दूरदर्शी एवं ऊर्जावान व्यक्तित्व हैं। अस्पताल विकास, गुणवत्ता प्रणालियों के क्रियान्वयन, बायोमेडिकल समन्वय तथा स्वास्थ्य परियोजनाओं के प्रभावी प्रबंधन में उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। नवाचार, संगठनात्मक दक्षता एवं नेतृत्व क्षमता के माध्यम से वे समाजोपयोगी कार्यों को प्रभावी दिशा देने में विश्वास रखते हैं।
भारतीय भाषा, साहित्य एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी गहरी आस्था उन्हें निरंतर सामाजिक एवं साहित्यिक गतिविधियों से जोड़े रखती है। उनके लिए भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, विचार और राष्ट्रीय चेतना की सशक्त धरोहर है।
हिंदी विकास सुलेख संस्था, इंदौर (म.प्र.) के संयुक्त सचिव के रूप में वे संस्था के संगठनात्मक विकास, युवा सहभागिता तथा साहित्यिक गतिविधियों के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आधुनिक तकनीक के माध्यम से भाषा, साहित्य एवं सुलेख कला को नई पीढ़ी तक पहुँचाने, कार्यशालाओं, साहित्यिक आयोजनों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सफल संचालन में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
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श्री सुमित जैन
मध्यप्रदेश के नीमच ज़िले में जन्म हुआ । इंदौर से BAAVFX (Bachelor of 3D Animation and VFX)में स्नातक किया। सुमीत जी पेशेवर एक अच्छे आर्टिस्ट है, रचनात्मक एवं सामाजिक कार्यों में इनकी अभिन्न रुचि रही है । सुमीत नि:स्वार्थ भाव से हिन्दी विकास सुलेख संस्था के सचिव पद पर कार्यरत हैं तथा संस्था के माध्यम से देश के सर्वांगीण विकास के लिए अपना सहयोग दे रहे है ।
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नेहा जैन
(प्रबंधक)
नेहा जैन
(प्रबंधक)
मालवांचल के नीमच ज़िले में जन्म हुआ । आपने BCA एवं PGDCA की डिग्री प्राप्त की । शिक्षा एवं सामाजिक कार्यों में नेहा की रुचि हमेशा से रही है , आप एक शिक्षाविद होने के नाते इस बात की स्वीकृति देती है कि शिक्षा और सुलेख के माध्यम से व्यक्ति के सभी रूपों-शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक, आध्यात्मिक और सौंदर्य में सर्वांगीण विकास संभव है और किसी भी देश के विकास के लिए वहाँ के देशवाशियों के व्यक्तित्व का विकास होना आवश्यक है। इसीलिए नेहा हिंदी विकास सुलेख यात्रा में समर्पित भाव से सहयोग कर रही है ।
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श्री संजय पटेल
(हमारे मार्गदर्शक)
श्री संजय पटेल
(हमारे मार्गदर्शक)
संस्कृति, संगीत, योगाशास्त्र प्रकृति और राष्ट्रभाषा हिन्दी के सशक्त प्रवक्ता हैं। यूँ वे मालवा के यशस्वी पुत्र हैं लेकिन इस मामले में भी धनवान हैं कि उन्हें पिता के रूप में हिन्दी के यशस्वी कवि, प्रसारणकर्ता, साहित्यकार, लेखक और रंगकर्मी श्री नरहरि पटेल की विरासत मिली. संजय भाई मूल रूप से विज्ञापन विधा से जुड़े हुए हैं लेकिन जब भी देश में भारतीय संस्कृति की चर्चा हो तो उसके कल्पनाकार, योजनाकार या मार्गदर्शक के रूप में संजय भाई का नाम आदर से लिया जाता है. सांस्कृतिक विषयों पर लिखे गए उनके लेख, संस्मरण इंटरव्यूज़ देश के अग्रणी समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते आए हैं।
वे मां भारती के अनन्य सेवक हैं और उनका किसी भी प्रकल्प में सहभागी होना, उस कार्य की गुणवत्ता और सिद्धि का प्रमाण होता है।
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हेमन्त जी शुक्ला
(शिक्षा व्यवस्था)
हेमन्त जी शुक्ला
(शिक्षा व्यवस्था)
श्री हेमंत शुक्ला का जन्म मध्य प्रदेश बघेलखंड के रीवा जिले में 01/01/1994 को हुआ इनके पिताजी का नाम श्री रवीन्द्र कुमार शुक्ला है एवं माताजी का नाम श्रीमती सविता शुक्ला है इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है उसके बाद राष्ट्रसेवा और समाजसेवा का भाव लेकर सिविल सेवा के लिए प्रयास किया और पिछले सात सालों से सिविल सेवा के बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं भारत की पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था में गहरा शोध किया है और इस भगीरथ कार्य में अपना अमूल्य योगदान पूरे समर्पण भाव से दे रहे हैं